गुरुवार, ८ जुलै, २०१०

आज अश्कों का तार टूट गया

आज अश्कों का तार टूट गया - सैफुद्दिन सैफ

आज अश्कों का तार टूट गया
रिश्ता-ए-इंतजार टूट गया

यूँ वो ठुकरा के चल दिये गोया
इक खिलौना था प्यार टूट गया
(गोया =मानो / जहां तक)

रोये रह-रह कर हिचकियाँ लेकर
साज-ए-ग़म बार बार टूट गया
(साज = संगीत वाद्य )

आप की बेरुखी़ का शिकवा क्या
दिल था नापा'इदार टूट गया
(नापा'इदार = कमजोर / नाजुक)

देख ली दिल ने बेसबाती-ए-गुल
फिर तिलिस्म-ए-बहार टूट गया
(बेसबाती-ए-गुल = एक फूल की मृत्यु / फूल की छोटी सी अवधि)
(तिलिस्म-ए-बहार = बसंत ऋतु का सम्मोहन)

'सैफ' क्या चार दिन की रंजिश से
इतनी मुद्दत का प्यार टूट गया
(रंजिश =वैमनस्य)

- सैफुद्दिन सैफ

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